रोग निवारण की प्राकृतिक विधिया || Natural methods of disease prevention

प्राकृतिक चिकित्सा में रोगों को दूर करने के लिये प्रधानतया जल , मिट्टी, सूर्य-ताप  आदि से ही काम लिया जाता है | इनमे से प्रतेक तत्व में इतनी सक्ति है कि यदि उसका यथोचित  रूप से प्रयोग  किया जाय तो  प्राय:  सभी रोग  दूर किये जा सकते है | इसीलिए विभिन्न  विचरको ने जल-चिकित्सा , मिट्टी-चिकित्सा, सूर्य-रशिम-चिकित्सा  आदि  विधियों से  रोग निवारण  की  स्वतंत्र  पद्तियो  का आविष्कार  किया है | इस प्रकार  का  प्राकृतिक चिकित्सा-साहित्य बहुत बड़ा है और विद्वानों ने एक-एक  तत्व से चिकित्सा करने पर अनेक महत्वपूर्ण  ग्रंथो की रचना की है |






पैरों का गरम स्नान -


एक बड़ी और चोड़ी बाल्टी या  अन्य बर्तन में काफी गरम पानी भरकर उसमे दोनों  पैर घुटनों  तक डूबकर बैठ जाना चाहिए | इस प्रयोग से शरीर का भारीपन दूर होकर रोगी को अच्छी नीद आ जाती है | अगर  इस प्रकार  पैर गरम पानी में रखकर  सिर के अलावा समस्त शरीर और  पानी के बर्तन  को भी कम्बल से अच्छी तरह  ढक  दिया जाय  तो इससे  हल्के भाप- स्नान  का लाभ  प्राप्त हो जाता है |


घर्स्रण स्नान -


भीगा हुआ  स्पंज  लेकर या हाथ के उपर एक भीगा हुआ कपड़ा  लपेटकर  उससे रोगी के शरीर को  भली प्रकार रगड़ने से  बहुत आराम मिलता है | इससे एक -एक अंग को काफी  रगड़कर,  जिससे वह गरम हो  उठे,  ढक  दिया जाता है  और तब  दूसरे अंग  को  उसी प्रकार रगड़ा जाता है  इसी तरह क्रमशः समस्त शरीर  की सुखी मालिश  कर दी जाती है |


धूप स्नान -

जब   सूर्य-चिकित्सा   की आवश्यकता हो  तो रोगी को गर्मियों में  सुबह - शाम  और जाड़ो  में दस - ग्यारह  बजे धूप में पन्द्रह मिनट से एक घंटा तक  बैठकर  धूप का सेवन करना चाहिए | सिर को सदेव भीगे तोलिये या केला के पत्ते आदि  से  ढक  लेना चाहिए | धूप  से हटने के बाद शरीर  को ठंडे  पानी  से  भीगे  कपड़े  द्वारा भली  प्रकार   पोछ  डालना चाहिए | यह प्रयोग समस्त  शरीर  में  चेतन्यता तथा स्फूर्ति  की वृधि  करने वाला होता है |


मिट्टी  की पट्टी -


बलुआ मट्टी या गंगा यमुना की पिंडोल मट्टी को पानी में  भली  प्रकार  सान कर कपड़े  पर आधा इंच  के लगभग  मोटी  तह जमाकर  विकारयुक्त  स्थान  पर लगा दें  और  जब २० - ३०  मिनट  बाद वह  गरम हो जाय तब  हटा दें |  यह सब प्रकार  की पीड़ा  और कब्ज को मिटाने  के लिये  बड़ी उपयोगी  होत्ती  है |

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